Welcome to Jharkhand Aaj Tak 24   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Aaj Tak 24
राजनीति
Trending

रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।

रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर बयानबाजी के बीच जमशेदपुर पश्चिम से जदयू विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कांग्रेस और भाजपा के बिना नई सरकार बनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने दावा किया कि यदि झामुमो, राजद और भाकपा माले एकजुट हो जाएं, तो राज्य में वैकल्पिक सरकार का रास्ता बन सकता है।

धनबाद के सोनारडीह भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र के दौरे के बाद पत्रकारों से बातचीत में सरयू राय ने कहा कि झारखंड में स्थिर सरकार के लिए नए राजनीतिक समीकरण संभव हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहल करें, तो वे बिना किसी शर्त के समर्थन देने को तैयार हैं।

ऐसे बन सकता है आंकड़ा
सरयू राय ने 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा का गणित समझाते हुए बताया कि झामुमो के 34 विधायक हैं। इसके साथ राजद के 4 और भाकपा माले के 2 विधायकों को जोड़ने पर संख्या 40 तक पहुंचती है। बहुमत के लिए 41 विधायकों की आवश्यकता होती है। उन्होंने संकेत दिया कि कुछ निर्दलीय और छोटे दलों के विधायक समर्थन दें तो यह आंकड़ा आसानी से पार किया जा सकता है।

संभावित समर्थन देने वालों में खुद सरयू राय के अलावा जेएलकेएम के जयराम महतो, आजसू पार्टी के निर्मल महतो और लोजपा (रामविलास) के जनार्दन पासवान का नाम भी चर्चा में है। ऐसे में यह गठबंधन बहुमत के जादुई आंकड़े को छू सकता है।

कांग्रेस और भाजपा की स्थिति
इस प्रस्तावित समीकरण के तहत कांग्रेस के 16 विधायक सत्ता से बाहर हो सकते हैं, जबकि भाजपा के 21 विधायक पहले से ही विपक्ष में हैं। हालांकि वर्तमान में झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार में साथ हैं, लेकिन हाल के दिनों में दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखे बयान सामने आए हैं।

असम चुनाव के बाद बदल सकते हैं समीकरण
सरयू राय ने यह भी कहा कि असम विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं। उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव के बाद झामुमो और कांग्रेस के बीच मतभेद खत्म भी हो सकते हैं, जिससे मौजूदा गठबंधन बरकरार रह सकता है।

फिलहाल सरयू राय के इस बयान ने झारखंड की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर की स्थिति किस दिशा में जाती है और क्या वास्तव में कोई नया राजनीतिक समीकरण आकार लेता है।

रांची: झारखंड की राजनीति
रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर बयानबाजी के बीच जमशेदपुर पश्चिम से जदयू विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कांग्रेस और भाजपा के बिना नई सरकार बनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने दावा किया कि यदि झामुमो, राजद और भाकपा माले एकजुट हो जाएं, तो राज्य में वैकल्पिक सरकार का रास्ता बन सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!