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झारखंड को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर मंथन, CII मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव में जुटे उद्योग जगत के दिग्गज

झारखंड को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर मंथन, CII मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव में जुटे उद्योग जगत के दिग्गज

झारखंड को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर मंथन, CII मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव में जुटे उद्योग जगत के दिग्गज
जमशेदपुर, 25 जून 2026: भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) झारखंड द्वारा 7वें झारखंड मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव का आयोजन जमशेदपुर में किया गया। “ट्रांसफॉर्मिंग मैन्युफैक्चरिंग: लीडरशिप, टेक्नोलॉजी एंड ग्रीन ग्रोथ” विषय पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में उद्योग जगत, सरकार, शिक्षण संस्थानों एवं तकनीकी विशेषज्ञों के 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, इंडस्ट्री 4.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हरित विकास, सतत उत्पादन और MSME क्षेत्र की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि भविष्य की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा केवल उत्पादन क्षमता से नहीं बल्कि तकनीक, गुणवत्ता, नवाचार, स्थिरता और कुशल नेतृत्व से तय होगी।
CII झारखंड स्टेट काउंसिल के चेयरमैन दिलू बिपिन पारिख ने कहा कि झारखंड को केवल उत्पादन केंद्र ही नहीं बल्कि नवाचार और उन्नत इंजीनियरिंग का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने MSME इकाइयों के तकनीकी उन्नयन और उद्योग-सरकार-अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
कॉन्क्लेव के संयोजक एवं टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग 4.0 का दौर तकनीक, डिजिटल परिवर्तन और नवाचार से संचालित होगा। उन्होंने MSME और बड़े उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी को समय की आवश्यकता बताया।
ESL के निदेशक संजय तिवारी ने कहा कि AI, IoT, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्विन जैसी आधुनिक तकनीकें उद्योगों को स्मार्ट फैक्ट्री की दिशा में ले जा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्थिरता अब केवल अनुपालन का विषय नहीं बल्कि व्यावसायिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
टाटा स्टील के उपाध्यक्ष डी.बी. सुंदरा रामम ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और GDP में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी बढ़ाने में झारखंड की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कौशल विकास, डीकार्बोनाइजेशन, ऊर्जा दक्षता और जिम्मेदार संसाधन उपयोग पर बल दिया।
झारखंड सरकार के उद्योग विभाग के अंतर्गत JIADA एवं JIIDCO के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन, IAS ने कहा कि झारखंड पूर्वी भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना, औद्योगिक भूमि, बिजली, लॉजिस्टिक्स और MSME सप्लाई चेन को औद्योगिक विकास की आधारशिला बताया।
कॉन्क्लेव में विभिन्न तकनीकी सत्रों के दौरान उद्योग 4.0, साइबर सुरक्षा, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा दक्षता, स्थिरता और भविष्य की औद्योगिक चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने झारखंड को तकनीक, नवाचार, हरित विकास और मजबूत औद्योगिक साझेदारी के माध्यम से वैश्विक स्तर का प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।

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