Welcome to Jharkhand Aaj Tak 24   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Aaj Tak 24
यूपी

भागवत में भगवान के सभी अंगों के दर्शन के है विशेष लाभ- बालक देवाचार्य

भागवत में भगवान के सभी अंगों के दर्शन के है विशेष लाभ- बालक देवाचार्य

भागवत में भगवान के सभी अंगों के दर्शन के है विशेष लाभ- बालक देवाचार्य

 

ब्यूरो चीफ विवेक सिनहा

वाराणसी उत्तरप्रदेश

 

वाराणसी। श्री कृष्ण उत्सव सेवा समिति द्वारा आयोजित रामकटोरा स्थित कसेरा धर्मशाला चिंतामणी बाग में जगतगुरु पातालपुरी महन्त बालक देवाचार्य ने कथा के दूसरे दिन भागवत कथा के प्रारम्भ में बताया कि इसके मुख्य वक्ता श्री शुकदेव जी महाराज एवं श्रोता राजा परीक्षित थे, जिसे गंगा जी के पावन तट पर सुनाया गया। श्रीमद् भागवत महापुराण में बारह स्कन्द 335 अध्याय एवं 18000 श्लोक समाहित है। इस महापुराण के आदि वक्ता भगवान विष्णु एवं आदि श्रोता ब्रह्मा जी है। मनुष्य को चाहिए की अपनी पांचों ज्ञानेन्द्रियों और पांचों कर्मेन्द्रियों से एकाग्र भाव से श्रीमद्भागवत की कथा सुने एवं और इस भागवत् में भगवान के सभी अंगों के दर्शन से क्या क्या लाभ होता है बताया गया है।

चरण दर्शन से पाप निवृत्ति, रज से अज्ञान का नाश, जाँघ से रोग नाश, नाभि से व्याधि का अंत, बांह से भय से निवृत्ति, रुप से शत्रु नाश नाश, कंठ से शोकनाश, मुख एवं मुकुट दर्शन मुक्ति दायक होता है। भगवान हमेशा हमारे शरीर में व्याप्त है जो कि छाया रूप में विराजमान है। भगवान जो भी करते है वह हमारे भलाई के लिये करते है, हमें जो भी प्रतिकूल समझ आता है वह हमारा प्रारब्ध होता है। कथा में अन्य छोटी छोटी ज्ञानवर्द्धक जानकारी व्यास जी द्वारा दी गयी।

कथा में आये विशिष्ठ जन एवं श्रधालुओं का स्वागत भाषण संस्था के आचार्य कलाधर गुरु ने किया। प्रातः 8 बजे से भागवत जी का परायण एवं पूजन किया गया। अध्यक्ष अशोक कसेरा कथा में श्रधालुओं की हर सम्भव सुविधाओं का ध्यान रखते हुए कूलर, पंखा व जल की पूर्ण व्यवस्था की गई थी आज से कथा के मुख्य यजमान संस्था के महामन्त्री विनोद कसेरा, श्रीमती राजकुमारी एवं संस्था के कोषाध्यक्ष भईया लाल, श्रीमती रामकुमारी देवी होंगे। अशोक कसेरा सहित श्री हैहय वंशी क्षत्रिय कसेरा महासभा के पदाधिकारियों कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा महाआरती सम्पन्न हुई। आज की प्रसाद सेवा श्री हैहय वंशीय क्षत्रिय कसेरा महासभा एवं हैहय वंशीय क्षत्रिय कसेरा महिला कला केंद्र संस्था और घनश्याम कसेरा की तरफ से रही जिसे सभी श्रधालुओं में वितरित किया गया। मनोज कसेरा, केदार नाथ झल्लु, भरत कसेरा एवं कसेरा महासभा के पदाधिकारीगण ने पूर्ण सहयोग किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!