प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कदमा शाखा द्वारा १२ वर्ष से १७ वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क समर कैंप कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कदमा शाखा द्वारा १२ वर्ष से १७ वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क समर कैंप कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कदमा शाखा द्वारा १२ वर्ष से १७ वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क समर कैंप कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
यह कार्यशाला २२ मई से २४ मई तक आयोजित की गई, जिसमें बच्चों को मनोरंजक एवं संस्कारयुक्त गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक, मानसिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास की प्रेरणा दी गई।
समर कैंप के दौरान बच्चों को म्यूजिकल एक्सरसाइज, योग-प्राणायाम, मेडिटेशन, वैदिक मैथ्स तथा मेमोरी शार्पनेस की विशेष स्किल्स सिखाई गईं। साथ ही वैल्यू एजुकेशन एवं नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी खेल-खेल में प्रदान की गई, जिससे बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
समापन अवसर पर बच्चों द्वारा एक अत्यंत सुंदर एवं प्रेरणादायी नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें वर्तमान समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिक-टॉक आदि के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। बच्चों की प्रस्तुति ने उपस्थित सभी अभिभावकों एवं अतिथियों को गहन संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए स्वीट्स, स्नैक्स एवं पेय पदार्थों की विशेष व्यवस्था की गई थी। समापन समारोह में उपस्थित अतिथियों एडवोकेट मौशमी जी, समाजसेवी बी बी सिन्हाजी, दुर्गा राव जी, चिन्मया महतोजी द्वारा सभी बच्चों को गिफ्ट्स एवं प्रोत्साहन स्वरूप उपहार प्रदान किए गए। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र और ईश्वरीय सौगात से सम्मानित किया गया।
कदमा शाखा प्रभारी बी के संजू दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य एवं संस्कार निर्माण के लिए ऐसे सकारात्मक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने इस निःशुल्क समर कैंप की सफलता हेतु सभी भाई-बहनों, सहयोगकर्ताओं एवं अभिभावकों का तहे दिल से आभार व्यक्त करते हुए उनकी सराहना की।
यह समाजहित में आयोजित निःशुल्क समर कैंप प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़े भाई-बहनों के आपसी सहयोग एवं सेवा भावना से सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।




