
भाजपा ने बंद के नाम पर किया राजनीतिक नौटंकी का प्रदर्शन, जनता ने पूरी तरह किया खारिज : देबाशीष घोष
छात्र आंदोलन को हाईजैक करने की भाजपा की साजिश बेनकाब, राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही भाजपा
जमशेदपुर : टेल्को कॉलोनी मंडल कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष देबाशीष घोष ने भाजपा द्वारा आयोजित बंद पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ने बंद का आह्वान कर एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसे छात्रों के भविष्य की चिंता नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की चिंता है। छात्रों के आंदोलन को अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए हाईजैक करने की भाजपा की कोशिश पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है और जनता ने भाजपा के इस राजनीतिक ड्रामे को सिरे से खारिज कर दिया है।
देबाशीष घोष ने कहा कि छात्र अपने अधिकार, न्याय, रोजगार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन भाजपा ने छात्रों की समस्याओं का समाधान तलाशने के बजाय उनके आंदोलन को राजनीतिक मंच और सत्ता की लड़ाई का हथियार बनाने की कोशिश की। भाजपा की पूरी रणनीति छात्रों के मुद्दे को आगे रखकर राज्य की लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को बदनाम करने की थी। लेकिन भाजपा यह भूल गई कि झारखंड की जनता अब राजनीतिक चालों और अवसरवादी राजनीति को अच्छी तरह पहचानती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का यह बंद जनता का आंदोलन नहीं, बल्कि भाजपा नेताओं की राजनीतिक बेचैनी, हताशा और बौखलाहट का प्रदर्शन था। मंगलवार जैसे दिन, जब जमशेदपुर सहित कई स्थानों पर अनेक दुकानें और प्रतिष्ठान सामान्य रूप से बंद रहते हैं, उस दिन बंद का आह्वान कर भाजपा अपनी पीठ थपथपाने और उसे अपनी राजनीतिक उपलब्धि बताने की कोशिश कर रही है। यदि वास्तव में जनता भाजपा के साथ होती, तो भाजपा को इस तरह के राजनीतिक दिखावे की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
देबाशीष घोष ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने का दौर अब खत्म हो चुका है। छात्र किसी राजनीतिक पार्टी की जागीर नहीं हैं और उनके भविष्य एवं आंदोलन को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का अधिकार किसी को नहीं है। भाजपा को छात्रों के नाम पर मगरमच्छ के आंसू बहाने के बजाय देश में छात्र आंदोलनों के दौरान अपने शासन वाली सरकारों के रवैये का भी जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा को दूसरों के घर में झांकने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। छात्रों के आंदोलनों के दौरान बल प्रयोग, आंदोलनकारियों पर कार्रवाई और छात्रों की आवाज दबाने से जुड़े सवालों पर भाजपा पहले जनता के सामने अपना पक्ष रखे। केवल विपक्ष में बैठकर छात्रों के हितैषी बनने का ढोंग करने से भाजपा की वास्तविकता छिपने वाली नहीं है।
कांग्रेस मंडल अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड में छात्र हितों और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के मुद्दे पर जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। जहां भी अनियमितता या किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, वहां कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई जरूरी है। कांग्रेस पार्टी किसी भी दोषी व्यक्ति को बचाने के पक्ष में नहीं है, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की राजनीति अब मुद्दों के समाधान पर नहीं, बल्कि मुद्दों के राजनीतिक इस्तेमाल पर टिकी हुई है। कभी छात्र, कभी युवा, कभी किसान और कभी आम जनता के नाम पर राजनीति करना भाजपा की पुरानी कार्यशैली बन चुकी है। लेकिन अब जनता भाजपा के इन राजनीतिक हथकंडों को समझ चुकी है और उसके बहकावे में आने वाली नहीं है।
देबाशीष घोष ने कहा कि भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि बंद कराने से छात्रों का भविष्य नहीं बनता, राजनीतिक नारे लगाने से परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होता और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से युवाओं को रोजगार नहीं मिलता। छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति, निष्पक्ष जांच, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, समयबद्ध प्रक्रिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ सड़क से सदन तक मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाजपा को चुनौती देते हुए देबाशीष घोष ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में छात्रों के हित में है, तो वह राजनीतिक नौटंकी, बंद और दिखावे की राजनीति छोड़कर छात्रों के वास्तविक मुद्दों पर खुले मंच पर चर्चा करे। जनता को गुमराह करने और छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने से भाजपा की असली मंशा छिपने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का यह बंद जनता की आवाज नहीं, बल्कि भाजपा की राजनीतिक हताशा की आवाज है। जनता ने जिस तरह भाजपा के बंद को नकारा है, उससे स्पष्ट है कि झारखंड की जनता छात्रों के नाम पर होने वाली अवसरवादी और स्वार्थपूर्ण राजनीति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
अंत में देबाशीष घोष ने कहा कि भाजपा को अब छात्रों के नाम पर राजनीति करने के बजाय अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। जनता सब देख रही है और लोकतंत्र में जनता की अदालत सबसे बड़ी अदालत होती है। आने वाले समय में जनता भाजपा की इस राजनीतिक नौटंकी और अवसरवादी राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।




