झारखंड ने दिखाया रास्ता! एक दिन में बिके 1074 किलो आम, किसानों को मिला सीधा बाजार
झारखंड ने दिखाया रास्ता! एक दिन में बिके 1074 किलो आम, किसानों को मिला सीधा बाजार

झारखंड ने दिखाया रास्ता! एक दिन में बिके 1074 किलो आम, किसानों को मिला सीधा बाजार
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पूर्वी सिंहभूम के आम महोत्सव ने पेश किया नया मॉडल, बिचौलियों के बिना किसानों को मिली बेहतर कमाई
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देशभर में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। इसी बीच झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले ने एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जो किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की दिशा में एक सफल पहल के रूप में देखा जा रहा है। जमशेदपुर समाहरणालय परिसर में आयोजित एक दिवसीय आम महोत्सव में किसानों ने सीधे उपभोक्ताओं को आम बेचकर न केवल बेहतर कीमत प्राप्त की, बल्कि स्थानीय कृषि उत्पादों को भी नई पहचान दिलाई।
महोत्सव का उद्घाटन उपायुक्त राजीव रंजन ने किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (जेएसएलपीएस) सुजीत बारी समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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11 प्रखंडों के किसानों ने लिया हिस्सा
इस आम महोत्सव में जिले के सभी 11 प्रखंडों के किसानों ने भाग लिया। इसके साथ ही जेएसएलपीएस से जुड़े चार किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) भी शामिल हुए। किसानों द्वारा विभिन्न किस्मों के आम बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए, जिन्हें खरीदने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे।
दिनभर चले इस आयोजन में कुल 1074 किलोग्राम आम की बिक्री हुई, जिससे किसानों को 53,700 रुपये की आय प्राप्त हुई। प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजन किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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उपायुक्त ने किया स्टॉलों का निरीक्षण
उद्घाटन के बाद उपायुक्त राजीव रंजन ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और किसानों द्वारा प्रदर्शित आम की अलग-अलग किस्मों की जानकारी ली। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी जाना।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। आम महोत्सव का उद्देश्य किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ना और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जिले में किए जा रहे मार्केट लिंकेज प्रयासों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है और पूर्वी सिंहभूम के आम अब दूसरे जिलों के बाजारों तक भी पहुंच रहे हैं।
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आधुनिक बागवानी पर दिया गया जोर
उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले आम उत्पादन के लिए आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों को पौध संरक्षण, वैज्ञानिक खेती और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि लाभुकों, बागवानी सखियों और मनरेगा कर्मियों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि बागवानी को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ावा मिल सके और किसानों की आय में वृद्धि हो।
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किसानों के लिए नई उम्मीद
कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि किसानों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिले तो उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकता है। पूर्वी सिंहभूम का यह आम महोत्सव इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया है।
आयोजन में किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित हुआ, जिससे दोनों पक्षों को लाभ मिला। एक ओर किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिला तो दूसरी ओर उपभोक्ताओं को ताजे और गुणवत्तापूर्ण आम खरीदने का अवसर प्राप्त हुआ।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आयोजन केवल फल बिक्री तक सीमित नहीं होते, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय उत्पादों को बाजार दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पूर्वी सिंहभूम का यह मॉडल आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
#RITESH SHARAN####




