१९वी पुण्य स्मृति पर विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया गया दादी प्रकाशमणि जी का स्मृति दिवस, रक्तदान शिविर से दिया मानवता और सेवा का संदेश
१९वी पुण्य स्मृति पर विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया गया दादी प्रकाशमणि जी का स्मृति दिवस, रक्तदान शिविर से दिया मानवता और सेवा का संदेश

*१९वी पुण्य स्मृति पर विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया गया दादी प्रकाशमणि जी का स्मृति दिवस, रक्तदान शिविर से दिया मानवता और सेवा का संदेश*
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जमशेदपुर।
त्याग, तपस्या, स्नेह, सेवा और मानवता की प्रतिमूर्ति राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की १९वीं पुण्य स्मृति के अवसर पर २५ अगस्त को विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में ब्रह्माकुमारीज़ यूनिवर्सल पीस पैलेस, सोनारी, मरीन ड्राइव में भावपूर्ण कार्यक्रम एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जमशेदपुर के विभिन्न क्षेत्रों से बाल ब्रह्मचारी ब्रह्माकुमारी बहनें एकत्रित होकर कोल्हान की निदेशिका ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी के साथ दादी प्रकाशमणि जी को पुष्पांजलि अर्पित की तथा उनकी पावन स्मृति में भोग स्वीकार कराया। पूरा वातावरण दादी जी के दिव्य गुणों, सादगी, ममता, करुणा, निःस्वार्थ सेवा और आत्मिक प्रेम की पावन स्मृतियों में डूबा रहा।
दादी प्रकाशमणि जी का जीवन केवल आध्यात्मिक जागृति का संदेश नहीं था, बल्कि मानवता के प्रति निःस्वार्थ प्रेम और सेवा की प्रेरणा भी था। उनकी इसी दातापन की भावना को मानव सेवा से जोड़ते हुए इस वर्ष उनकी पावन स्मृति में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया हुआ। इस अवसर पर मारवाड़ी महिला मंच की नेतृत्वकर्ता वीणा खिलवाल के नेतृत्व में महिला मंच की अनेक बहनें उपस्थित रहीं। समाजसेवी एवं प्रतिष्ठित व्यवसायी बालमुकुंद गोयल, समाजसेवी एवं प्रतिष्ठित व्यवसायी शंकर लाल गुप्ता तथा गुजराती सनातन समाज की अध्यक्ष विनिता शाह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति को नमन करते हुए रक्तदान को मानव सेवा का श्रेष्ठ माध्यम बताया।
यूनिवर्सल पीस पैलेस, सोनारी में आयोजित इस रक्तदान शिविर में कुल १०८ यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। शिविर का सुचारू एवं सफल संचालन ब्रह्मानंद नारायण के सहयोग से संपन्न हुआ।
इस बार के रक्तदान अभियान को एक विशेष आध्यात्मिक संदेश के साथ जोड़ा गया—“ज्ञान पान, ध्यान, फिर रक्तदान lदादी जी ने जिस प्रकार अपना संपूर्ण जीवन दूसरों के कल्याण और सेवा के लिए समर्पित किया, उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए रक्तदान को उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पिछले वर्ष ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा भारत एवं नेपाल में आयोजित रक्तदान अभियान में लगभग ८९,००० यूनिट रक्तदान हुआ था, जिसके लिए संस्था का नाम OMG Book of Records में दर्ज किया गया। इस वर्ष इस सेवा को और व्यापक बनाने तथा परमात्मा की प्रेरणा से पिछले लक्ष्य को भी पार करने का संकल्प लिया गया है।
रक्तदान करने वाले सभी भाई-बहनों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया और सेल्फी के माध्यम से इस सेवा के सुंदर क्षणों को संजोया गया। उनके उत्साहवर्धन के लिए ६ पीस कप सेट, जूस एवं नमकीन का गिफ्ट पैक प्रदान किया गया तथा दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति का प्रसाद भी दिया गया।
इस अवसर पर कोल्हान निदेशिका ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी ने कहा कि, “हर बार की तरह यह दिन बहुत खास हो जाता है, जब हम सभी ब्रह्माकुमारी परिवार, जमशेदपुर मिलकर दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति में रक्तदान शिविर का आयोजन करते हैं। इस बार विशेष रूप से ‘पहले ज्ञान, फिर ध्यान और उसके बाद रक्तदान’ पर ध्यान दिया गया है। दादी जी वैसे तो गुणों की भंडार थीं, लेकिन उनका एक विशेष गुण था कि वे परमात्मा की तरह दाता थीं। कोई भी व्यक्ति दादी जी के पास जाता था तो खाली नहीं लौटता था, बल्कि किसी न किसी प्राप्ति, अनुभव और आत्मिक शक्ति के साथ वापस आता था।”
दादी प्रकाशमणि जी की १९वीं पुण्य स्मृति पर आयोजित यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि ज्ञान से आत्मिक शक्ति, ध्यान से आंतरिक शांति और रक्तदान से मानव जीवन की रक्षा—यही दादी जी की पावन स्मृति को सच्ची श्रद्धांजलि है।
ओम शांति l




