सोनार समाज की एकता और राजनीतिक चेतना का महा संगम बना काशी
सोनार समाज की एकता और राजनीतिक चेतना का महा संगम बना काशी

सोनार समाज की एकता और राजनीतिक चेतना का महा संगम बना काशी।
ब्यूरो चीफ विवेक सिन्हा
वाराणसी उत्तरप्रदेश
वाराणसी। काशी धर्म, संस्कृति और परंपरा की नगरी में हजारों सोनार एक मंच पर एकत्र हुए तो चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल सोनमयी हो उठा। आयोजित सोनार महा समागम मे उत्तर प्रदेश के 35 जिलों के अलावा मध्य प्रदेश और बिहार के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मुख्य एजेंडा समाज की एकता, सम्मान, अधिकार, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं महाराजा अजमीढ, महाराज अंबरीष एवं संत शिरोमणि नरहरि दास के चित्र पुष्प अर्पित कर हुआ। मंच के आयोजक स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान के चेयरमैन रवि सर्राफ कहा की उनके साथ टीम ने लगभग 35 जिलों का दौरा कर समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया। कार्यक्रम मे वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किया तथा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि आगामी चुनावों में समाज अपनी जनसंख्या के अनुपात में टिकटों की मांग करेगा। हर विधानसभा में सोनार समाज की एक कोर कमेटी बनाई जाएगी जो समाज के मुद्दों को राजनीतिक दलों के समक्ष मजबूती से रखेगी। सरकार को अपनी ताकत दिखाने के लिए एक बड़ा ज्ञापन भेजा जाएगा। अन्य राज्यों के तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी ‘स्वर्ण कला बोर्ड’ के गठन की मांग की गई। अध्यक्षता कृष्ण नारायण सोनी, स्वागत भाषण व संचालन रवि सर्राफ, प्रस्तावना किशोर सेठ व धन्यवाद ज्ञापन अरूण सोनी ने दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कृष्ण कुमार सेठ बच्चू, कमल कुमार सिंह, विष्णु दयाल सेठ, श्याम सुंदर सिंह, किशन सेठ, अरुण सोनी, सतीश कुमार सिंह, अनिल चंचल, सरिता सराफ, ईश्वर दयाल सिंह सेठ, बेबी सेठ, सुनिती सिंह, राजू वर्मा, घनश्याम सेठ बच्चा, जनार्दन वर्मा, मोहित सोनी, दयाशंकर सेठ, रौनी वर्मा, राजेश सेठ, सुशील सेठ, अनिल सेठ, संतोष सेठ सहित 35 जिलों से आए प्रतिनिधि एवं हजारों सोनार समाज के लोग उपस्थित थे।




