द्वादश ज्योतिर्लिंग आध्यात्मिक प्रदर्शनी मेले का भव्य समापन, स्वर्णिम भारत की झांकी बनी मुख्य आकर्षण
द्वादश ज्योतिर्लिंग आध्यात्मिक प्रदर्शनी मेले का भव्य समापन, स्वर्णिम भारत की झांकी बनी मुख्य आकर्षण

द्वादश ज्योतिर्लिंग आध्यात्मिक प्रदर्शनी मेले का भव्य समापन, स्वर्णिम भारत की झांकी बनी मुख्य आकर्षण
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जमशेदपुर, ४ अगस्त।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कदमा शाखा द्वारा रामनगर स्थित सामुदायिक विकास भवन में आयोजित पांच दिवसीय द्वादश ज्योतिर्लिंग आध्यात्मिक प्रदर्शनी मेले का मंगलवार को भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में समापन हुआ। समापन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव के दिव्य संदेश का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान शिव की महाआरती से हुआ। विशिष्ट अतिथियों समाजसेवी सुनील गुप्ता जी, उपमुखिया), संजय सतपति जी सौभाग्य राष्ट्र के संपादक,पूजा दत्ता जी,डॉ गोराई , एवं राधा सखी गोलमुरी की पूरी टीम का अंगवस्त्र एवं ईश्वरीय स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। अतिथियों ने भगवान शिव की महाआरती में भाग लेकर आयोजन की सराहना की तथा ब्रह्माकुमारी संस्थान के आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की।
समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत स्वागत नृत्य, शिव भजन मंडली के भक्तिमय भजनों तथा बच्चों की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण “स्वर्णिम भारत” एवं “सतयुग की स्वर्णिम झांकी” रही, जिसने दर्शकों को आध्यात्मिक एवं संस्कारयुक्त जीवन का प्रेरणादायी संदेश दिया।
इस अवसर पर बी.के. अलका बहन ने अपने आध्यात्मिक प्रवचन में आत्मा के स्वधर्म, शांति, पवित्रता और आंतरिक खुशी का महत्व बताते हुए कहा कि जब मनुष्य अपने वास्तविक आत्मस्वरूप को पहचानकर जीवन जीता है, तभी उसे सच्चा सुख और स्थायी आनंद प्राप्त होता है।
कदमा सेवा केंद्र की प्रभारी बी.के. संजू बहन ने अपने उद्बोधन में भगवान शिव का संदेश देते हुए कहा कि “जो स्वयं पर राज्य करना सीख लेता है, वही विश्व पर राज्य करने का अधिकारी बनता है। उन्होंने सभी को राजयोग के अभ्यास द्वारा अपने मन, बुद्धि और संस्कारों पर विजय प्राप्त कर श्रेष्ठ जीवन जीने का संदेश दिया।
समापन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने द्वादश ज्योतिर्लिंग आध्यात्मिक प्रदर्शनी का अवलोकन कर भगवान शिव के दिव्य संदेश एवं आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम की सफलता में ब्रह्माकुमारी परिवार के सभी भाई-बहनों का विशेष एवं सराहनीय सहयोग रहा, जिनके समर्पण और सेवा भावना से यह पांच दिवसीय आध्यात्मिक मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।




