किसानों के मसीहा, ब्रह्मेश्वर मुखिया जी का शहादत दिवस पर नमन यात्रा
किसानों के मसीहा, ब्रह्मेश्वर मुखिया जी का शहादत दिवस पर नमन यात्रा

*किसानों के मसीहा, ब्रह्मेश्वर मुखिया जी का शहादत दिवस पर नमन यात्रा*
नब्बे के दशक में नक्सलियों का आतंक जब चरम पर था, तब बिहार में जन्मे ब्रह्मेश्वर नाथ सिंह ने स्वर्ण समाज के किसानों को जोड़कर रणवीर सेना का गठन किया।
नक्सली जिसे नेक्स्लाईट के नाम से जाना जाता था, जो किसानों के जमीन पर लाल झंडा या लाल कपड़ा डालकर उस जमीन को अपने अधीन कर लिया करते थे, और लहलाहाते फसलों को काट लिया करते थे, गरीब किसानों के घर मे उनकी महिलाओं को सरेआम बेइज्जत किया करते थे, इन सब कृतियों से तंग आकर आखिरकार ब्रह्मेश्वर नाथ सिंह स्वर्ण को जोड़कर एक सेना का गठन किया जिसे रणवीर सेना नाम दिया गया।
आखिरकार अपने उद्देश्य में सफल होने के बाद नक्सलियों के आतंक को खत्म करने के बाद वह राजनीति में सक्रिय होना चाहते थे, और एक किसान मोर्चा का गठन कर समाज सेवा से जुड़ गए, उसी दिन से उनकी पहचान ब्रह्मेश्वर मुखिया जी के नाम से हुई, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, साल दो हजार बारह, एक जुन को निहत्थे मुखिया जी मौत के घाट उतार दिये गये,इस एक जून को शहादत दिवस के रूप में मनाने के लिए जमशेदपुर के बागबेड़ा कॉलोनी के कृष्ण मेमोरियल संघ से एक नमन यात्रा मोटरसाइकिल जत्थे के साथ एक जुन सोमवार को संध्या पांच बजे नगर भ्रमण को निकलेगी, इस बाबत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ब्रह्म ऋषि विकास मंच के अध्यक्ष श्री सत्येंद्र कुमार महासचिव श्री जयकुमार बागबेड़ा इकाई मंच के सतीश सिंह संतोष
ठाकुर, एवं उपस्थित पदाधिकारी एवं सदस्य रिपु सिंह, श्रीनिवास कुमार, भास्कर जी ने सभी समाज के लोगों को आमंत्रित किया है।
कार्यक्रम की रूपरेखा- शाम पांच बजे भगवान परशुराम के चरणों में पुष्प अर्पित कर नगर भ्रमण यात्रा एवं शाम छःबजे गंतव्य स्थान कृष्ण मेमोरियल संघ वापसी के बाद अतिथियों का स्वागत एवं ब्रह्मेश्वर मुखियाजी के व्यक्तित्व पर व्याख्यान।




