Welcome to Jharkhand Aaj Tak 24   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Aaj Tak 24
राज्य

जमशेदपुर: GST अपीलीय व्यवस्था के नए युग की शुरुआत, CII झारखंड ने आयोजित किया विशेष सत्र

जमशेदपुर: GST अपीलीय व्यवस्था के नए युग की शुरुआत, CII झारखंड ने आयोजित किया विशेष सत्र

 

जमशेदपुर: GST अपीलीय व्यवस्था के नए युग की शुरुआत, CII झारखंड ने आयोजित किया विशेष सत्र

Go back

Your message has been sent

Warning
Warning
Warning
Warning

Warning.

जमशेदपुर में 22 जुलाई 2026 को CII झारखंड ने “GSTAT in Practice: Appeals, Procedures & Digital Filing” विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत, कर विशेषज्ञों, कानूनी विशेषज्ञों, वित्त पेशेवरों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस सत्र का नॉलेज पार्टनर Khaitan & Co रहा।

CII झारखंड के चेयरमैन एवं वैदेही मोटर्स के प्रबंध निदेशक दिलीप (Diloo) पारिख ने कहा कि GST Appellate Tribunal (GSTAT) के संचालन से देश में कर विवादों के समाधान के लिए एक पारदर्शी, विशेषज्ञ और समयबद्ध व्यवस्था स्थापित हुई है, जिससे उद्योग जगत का विश्वास मजबूत होगा।

टाटा स्टील के चीफ लीगल काउंसिल (इंडायरेक्ट टैक्सेशन) एवं CII वित्त एवं कराधान पैनल के संयोजक विकाश मित्तल ने कहा कि GSTAT भारत का पहला डिजिटल-फर्स्ट ट्रिब्यूनल है। उन्होंने कहा कि अब प्रभावी कर मुकदमों के लिए कानूनी विशेषज्ञता के साथ डिजिटल तैयारी और मजबूत दस्तावेजीकरण भी आवश्यक होगा।

GSTAT रांची बेंच के तकनीकी सदस्य बिजॉय बिहारी महापात्र ने बताया कि लंबित अपीलें दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई है तथा 31 दिसंबर 2026 तक दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया में भी राहत दी गई है।

मुख्य अतिथि एवं GSTAT रांची बेंच के उपाध्यक्ष तुषार कांति सतपथी ने कहा कि रांची बेंच, दिल्ली के प्रिंसिपल बेंच के बाद सुनवाई शुरू करने वाला देश का पहला बेंच है। उन्होंने उद्योग जगत से समय रहते अपील दाखिल करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में अरुण गौर (CII), राहुल धनुका और सुदीप्त भट्टाचार्य (Khaitan & Co) ने GSTAT की डिजिटल फाइलिंग, अपील प्रक्रिया, दस्तावेजी आवश्यकताओं और कर मुकदमों की रणनीति पर विस्तृत जानकारी दी।

इस सत्र का उद्देश्य उद्योगों को GSTAT की नई डिजिटल व्यवस्था, अपील प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना तथा कर विवादों के प्रभावी और समयबद्ध समाधान के लिए तैयार करना था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!