CII Jharkhand ने कार्यस्थल सुरक्षा पर आयोजित की कार्यशाला, जोखिम पहचान और व्यवहार आधारित सुरक्षा पर दिया जोर
CII Jharkhand ने कार्यस्थल सुरक्षा पर आयोजित की कार्यशाला, जोखिम पहचान और व्यवहार आधारित सुरक्षा पर दिया जोर

CII Jharkhand ने कार्यस्थल सुरक्षा पर आयोजित की कार्यशाला, जोखिम पहचान और व्यवहार आधारित सुरक्षा पर दिया जोर
जमशेदपुर, 15 जुलाई 2026: Confederation of Indian Industry (CII) Jharkhand ने “Advancing Workplace Safety: Risk, Line of Fire & Behaviour” विषय पर कार्यस्थल सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में उद्योग जगत के विशेषज्ञों, सुरक्षा अधिकारियों और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यस्थल पर जोखिमों की पहचान, सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना तथा व्यवहार आधारित सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नीरज कुमार सिन्हा, कन्वीनर, CII Jharkhand Safety Panel एवं चीफ–सेफ्टी, Tata Steel Ltd ने कहा कि सुरक्षा केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति की सोच और कार्यशैली का हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा, मनोवैज्ञानिक सुरक्षा और कर्मचारियों के बीच खुली संवाद संस्कृति को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक संगठन का लक्ष्य यह होना चाहिए कि हर कर्मचारी सुरक्षित अपने घर लौटे।
श्री सुकेश झा, EHS Senior Manager, Tata Steel Ltd ने “Line of Fire” की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कार्यस्थल पर चलती मशीनों, भारी वस्तुओं, ऊर्जा स्रोतों एवं अन्य संभावित खतरों से बचाव के लिए जोखिमों की पहले से पहचान करना, सतर्क रहना और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कर्मचारियों से हर कार्य शुरू करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन करने की अपील की।
सुश्री चंद्रा शरण, निदेशक, Basera Empowerment (OPC) Pvt. Ltd. ने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल की शुरुआत कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से होती है। उन्होंने नियमित व्यायाम, योग, सकारात्मक सोच, तनाव प्रबंधन तथा स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन को सुरक्षित और उत्पादक कार्य वातावरण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने इस बात पर बल दिया कि केवल नियमों का पालन पर्याप्त नहीं है। जोखिमों के प्रति जागरूकता, अनुशासित व्यवहार, मनोवैज्ञानिक सुरक्षा, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और सकारात्मक कार्य संस्कृति के माध्यम से ही सुरक्षित, स्वस्थ और अधिक सक्षम कार्यस्थलों का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने कार्यस्थल सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यवहार आधारित सुरक्षा उपायों को अपनाने तथा अपने-अपने संगठनों में मजबूत सुरक्षा संस्कृति विकसित करने का संकल्प लिया।




